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'खालिद के शिवाजी' फिल्म समीक्षा: राज प्रीतम मोरे का आंशिक रूप से प्रभावी नाटक इतिहास को बहुलता की दलील के साथ जोड़ता है

'खालिद के शिवाजी' फिल्म समीक्षा: राज प्रीतम मोरे का आंशिक रूप से प्रभावी नाटक इतिहास को बहुलता की दलील के साथ जोड़ता है

अर्थव्यवस्था 07/07/2026 The Hindu 👁 15
⚡ ⚡ त्वरित सारांश

सहानुभूति के स्पर्श से सजी यह फिल्म आज की खंडित वास्तविकताओं में शिवाजी को समन्वय के आदर्श के रूप में याद करती है।

📖 लेख स्रोत — 🇬🇧 अंग्रेज़ी 🌐 हिंदी में पूरा लेख पढ़ें ← वापस

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