डीके शिवकुमार आज कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री बनेंगे। मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण समारोह शाम 4 बजे बेंगलुरु के लोक भवन में होगा। शिवकुमार को 30 मई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधायक दल का नेता चुना गया था। वे सिद्धारमैया की जगह राज्य की कमान संभालेंगे। शिवकुमार ने मंगलवार को बताया कि कांग्रेस हाईकमान नई कैबिनेट में शामिल होने वाले मंत्रियों की लिस्ट बुधवार सुबह 10 बजे या दोपहर तक जारी करेगा। उन्होंने कहा- मीडिया में चल रहे संभावित नाम ऑफिशियल नहीं हैं। लिस्ट दिल्ली से आएगी। उसे राजभवन भेजा जाएगा, ताकि शपथ ग्रहण की औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। सूत्रों के मुताबिक, नई कैबिनेट में सिद्धारमैया और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे भी शामिल हो सकते हैं। 4 डिप्टी CM भी बनाए जा सकते हैं। मौजूदा कैबिनेट से 10 मंत्री हटाए जा सकते हैं। शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी, खड़गे के अलावा केरल, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना के कांग्रेस मुख्यमंत्री शामिल होंगे। तमिलनाडु और झारखंड के मुख्यमंत्री भी आएंगे। इधर, शपथ ग्रहण से ठीक एक दिन पहले सिद्धारमैया को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) का सदस्य नियुक्त किया गया। सिद्धारमैया ने 28 मई को दिया था इस्तीफा 24 मई को दिल्ली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल के साथ सिद्धारमैया की बैठक हुई। उनसे इस्तीफा मांगा गया। सिद्धारमैया ने आलाकामान से 48 घंटे का वक्त मांगा और 28 मई को सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। सिद्धारमैया 20 मई 2023 से 28 मई 2026 तक मुख्यमंत्री रहे। सिद्धारमैया के कार्यकाल के ढाई साल पूरे हो गए थे कर्नाटक में 2023 के विधानसभा चुनाव में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के दावेदार बनकर उभरे। इसे देखते हुए फॉर्मूला निकाला गया कि दोनों ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनेंगे। नवंबर 2025 में सिद्धारमैया के ढाई साल पूरे हो गए, लेकिन वे तब भी CM बने रहने पर अड़े रहे। कर्नाटक कांग्रेस से जुड़े सोर्स के मुताबिक तय फॉर्मूले के हिसाब से दिसंबर 2025 से शिवकुमार को CM पद संभालना था, लेकिन राहुल गांधी समेत पार्टी के सभी सीनियर लीडर केरल में चुनावों की तैयारियों में व्यस्त थे, इसलिए तब ये बदलाव नहीं हो सका। डीके शिवकुमार के पास ₹1413 करोड़ की संपत्ति कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर नेताओं में हैं। उनके पास ₹1413 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। वह रियल एस्टेट, खनन, होटल कारोबारी भी हैं। दिलचस्प ये है कि इतनी संपत्ति के बावजूद उनके चुनावी हलफनामे में एक टोयोटा क्वालिस कार दर्ज है। 263 करोड़ का कर्ज भी है। 1962 में बेंगलुरु के पास कनकपुरा में जन्मे डीके वोक्कालिगा समुदाय से हैं। वह कनकपुरा से ही विधायक हैं। कांग्रेस में उनकी पहचान ऐसे नेता की है जो पार्टी विधायकों को टूटने से बचाते हैं। किसी भी बड़े ऑपरेशन, चुनाव मैनेजमेंट, प्रचार या गुप्त रणनीतियों के लिए जिस वित्तीय और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट की जरूरत होती है, उसे वे बखूबी मैनेज कर लेते हैं। डीके पर 19 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। ईडी उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के दो केस में जांच कर रही है। 2017 में आयकर विभाग के छापे में इनके घर 8.5 करोड़ रु. Telah bertemu. Dia ditangkap dalam kasus ini pada tahun 2019. Dia harus menghabiskan 50 hari di Tihar. CBI sedang menyelidiki kasus aset yang tidak proporsional. Peristiwa terkini dalam politik Karnataka… 28 Mei: CM Siddaramaiah pergi ke Lok Bhavan dan mengajukan pengunduran dirinya kepada Sekretaris Gubernur. Siddaramaiah telah mengajukan pengunduran dirinya kepada Sekretaris Gubernur Thawarchand Gehlot. Gehlot keluar dari Bengaluru karena alasan keluarga. Siddaramaiah mengadakan pertemuan dengan para menteri di rumahnya pada hari yang sama dan menginformasikan keputusan tersebut. Dalam pertemuan tersebut, DK Shivakumar menyentuh kaki Siddaramaiah, setelah itu keduanya berpelukan. Baca berita selengkapnya… 29 Mei: Siddaramaiah dan Shivkumar bertemu Rahul-Kharge di Delhi. Gubernur Karnataka menerima pengunduran diri Ketua Menteri Siddaramaiah. Siddaramaiah mencapai Delhi pada hari Jumat. Di sini dia bertemu dengan pemimpin Kongres Rahul Gandhi dan presiden partai Mallikarjun Kharga. Berdasarkan pemberitaan media, dalam pertemuan tersebut Siddaramaiah menuntut adanya kementerian penting di kabinet baru untuk putranya Yatindra Siddaramaiah. Baca berita selengkapnya… -------------- Baca juga berita terkait politik Karnataka ini… Kisah dibalik pergantian CM di Karnataka; Masterstroke Kongres atau nasib BJP, 62% pemilih Ahinda dipertaruhkan. Di Karnataka, Kongres mengubah CM dalam jangka menengah. Dikatakan bahwa keputusan ini diambil berdasarkan kesepakatan rahasia. Lagi pula, mengapa Kongres tiba-tiba mengganti CM dan apakah perombakan yang terjadi 23 bulan sebelum pemilu ini akan menguntungkan atau merugikan Kongres? Baca berita selengkapnya…