"मुझे लगा कि राष्ट्रीय मूर्तियाँ विलुप्त हो गई हैं..." 11 कठिन वर्षों के बाद सफलता! यही कारण है कि "एम!एलके", जिसकी लत 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को भी है, अचानक "लोगों का पोता" बनकर उभर रहा है | जीवन | टोयो कीज़ई ऑनलाइन
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
अब जब लोग टेलीविजन से दूर जा रहे हैं और मनोरंजन चैनलों की संख्या बढ़ गई है, तो यह सोचा गया कि ``राष्ट्रीय आदर्श'' विलुप्त होने के कगार पर है। हालाँकि, "एम!एलके" का अस्तित्व तेजी से एक नई आशा के रूप में उभर रहा है।