मीडिया का "अंतहीन तूफ़ान" जो गुस्से से पैसा कमाता है; "ध्यान अर्थव्यवस्था" का जाल जहाँ छोटी-छोटी घटनाएँ सांस्कृतिक युद्धों में बदल जाती हैं | राजनीति, अर्थशास्त्र, निवेश | टोयो कीज़ई ऑनलाइन
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
हम एक आधुनिक दुनिया में रहते हैं जहां एसएनएस और मीडिया मिलकर सबसे मामूली घटनाओं को भी ``ज्वाला'' बना देते हैं। क्रोध को बढ़ावा देने वाले सूचना परिवेश के पर्दे के पीछे हमारे ध्यान और भावनाओं का उपयोग कैसे किया जाता है?
हम एक आधुनिक दुनिया में रहते हैं जहां एसएनएस और मीडिया मिलकर सबसे मामूली घटनाओं को भी ``ज्वाला'' बना देते हैं। क्रोध को बढ़ावा देने वाले सूचना परिवेश के पर्दे के पीछे हमारे ध्यान और भावनाओं का उपयोग कैसे किया जाता है? संरचनात्मक परिवर्तनों की वास्तविकता जो बड़ी तस्वीर को देखना असंभव बना देती है, और "प्रमुख बाज़ार" जो इस समय तेजी से बढ़ रहा है...
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