हमले के बाद पहली बार पहाड़ खुला, और पहाड़ के रास्ते पर ऐसे संकेत थे जिन पर लिखा था, ``भूरे भालू चींटियाँ खाने आते हैं,'' और पर्वतारोही एक दूसरे से पूछ रहे थे, ``क्या आपने इसे देखा?''
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
हमले के बाद पहली बार पहाड़ खुला, और पहाड़ के रास्ते पर ऐसे संकेत थे जिन पर लिखा था, ``भूरे भालू चींटियाँ खाने आते हैं,'' और पर्वतारोही एक दूसरे से पूछ रहे थे, ``क्या आपने इसे देखा?''