Sonam Wangchuk veio em apoio ao Partido Barata Janata: Disse- Se o Ministro da Educação não renunciar, irei me juntar à manifestação no Jantar Mantar no dia 6 de junho.
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की मांगों और विचारधारा का समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मंगलवार को खुद इसकी जानकारी दी। वांगचुक ने वीडियो मैसेज जारी कर कहा- मैंने CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके से बात की। उनसे बात करके मुझे लगा कि उनकी मंशा गलत नहीं है। वे एक देशप्रेमी हैं और बदलाव चाहते हैं। वांगचुक ने कहा- अभिजीत 6 जून को दिल्ली में लोगों को बुला रहे हैं। अगर 5 जून तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया तो मैं भी जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन में शामिल होऊंगा। 6 जून को भारत लौटेंगे अभिजीत, एयरपोर्ट से सीधे थाने जाएंगे अभिजीत दिपके 6 जून को अमेरिका से भारत लौटेंगे। उन्होंने 1 जून को सोशल मीडिया पर बताया था कि वे जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगे। अभिजीत ने बताया कि वे एयरपोर्ट से सीधे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे और प्रदर्शन की इजाजत मांगेंगे। उन्होंने लोगों से एयरपोर्ट पर मिलने और प्रदर्शन में शामिल होने की अपील भी की। अभिजीत अमेरिका में पढ़ रहे, AAP में काम कर चुके 30 साल के अभिजीत दिपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल वो अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिजीत 2020 से 2022 तक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत AAP के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए AAP छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया, तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए।अभिजीत किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर X अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच कराने की याचिका खारिज की सुप्रीम कोर्ट ने 24 मई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े व्यक्तियों की गतिविधियों की CBI से जांच करवाने की मांग पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया। कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील एनके गोस्वामी ने कहा कि CJP, ज्यूडीशियरी की इमेज खराब कर रही है। इसके बाद CJI और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा, ‘इसे इतनी भावुकता से मत लें।’ पूरी खबर पढ़ें..