राम मंदिर निधि विवाद: महाकुंभ के दौरान चोरी चरम पर थी, चेतावनियाँ अनसुनी कर दी गईं, जांच से पता चला
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
राम मंदिर के लिए दान की कथित चोरी में एक संगठित अंदरूनी ऑपरेशन का संदेह है, जिसमें एक कर्मचारी की पहचान केंद्रीय व्यक्ति के रूप में की गई है। जांचकर्ता उन सबूतों की जांच कर रहे हैं जो रोजाना नकदी की हेराफेरी और सीसीटीवी में कैद संदिग्ध व्यवहार का संकेत दे रहे हैं। जांच में बहुमूल्य धातु दान के प्रबंधन की भी जांच की गई है, जिसमें कई आरोपियों से महत्वपूर्ण नकदी बरामदगी की सूचना है।