يواصل قادة TMC في البنغال إعادة الأموال المقطوعة: المطالبة - أخذوا عمولة من المستفيدين من مخطط الحكومة؛ أسماء 173 رجلاً في مخطط لاكشمير بهاندار في نادية
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब गांव-गांव में नेताओं से अवैध वसूली या रिश्वत (कट-मनी) का हिसाब मांगा जा रहा है। कई जिलों में तृणमूल से जुड़े स्थानीय नेताओं पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप सामने आ रहे हैं। बढ़ते दबाव के बीच कुछ नेताओं ने कट-मनी के नाम पर वसूले पैसे लौटाने भी शुरू कर दिए हैं। कूचबिहार के घुघुमारी इलाके में स्थानीय नेताओं ने लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों को पैसे लौटाने की बात कही। कूचबिहार के ही माथाभांगा शहर के सुभाषपल्ली इलाके में आवास योजना के 14 लाभार्थियों को उनसे ली गई कमीशन वापस की गई। भाजपा नेताओं का दावा है कि कुछ लाभार्थियों ने पैसे वापस मिलने के बाद स्थानीय मंदिर में पूजा भी की। मुर्शिदाबाद में ग्राम उपप्रधान कमीशन लेने के आरोप में गिरफ्तार मुर्शिदाबाद के नूतनग्राम में बांग्लार आवास योजना के तहत कट-मनी लेने के आरोप में ग्राम उपप्रधान सिराजुल शेख के खिलाफ ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। ग्रामीणों का आरोप है कि घर दिलाने के नाम पर 5 हजार से 15 हजार रुपए तक लिए जाते थे। दक्षिण 24 परगना के नामखाना में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर लिए गए 5-5 हजार रुपए ग्रामीणों को लौटाए गए। नामखाना के शिबरामपुर ग्राम पंचायत के सदस्य माधव चंद्र लाया ने दावा किया कि उन्होंने बिना किसी दबाव के खुद 45 ग्रामीणों को पैसे लौटाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पैसे पार्टी के दबाव में लिए गए थे और इसमें सीनियर पंचायत अधिकारियों और TMC नेताओं की मिलीभगत थी। हालांकि, मामले में अभी तक कोई औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज नहीं की गई है। नादिया में लक्ष्मीर भंडार योजना में 173 पुरुषों के नाम नादिया जिले के धुबुलिया में महिलाओं के लिए चलाई जा रही लक्ष्मीर भंडार योजना के लाभार्थियों की लिस्ट में 173 पुरुषों के नाम मिले हैं। फरवरी से अब तक इन खातों के जरिए पैसे भी निकाली गए।जिलाधिकारी श्रीकांत पल्ली ने बताया कि जांच के बाद इन नामों को सूची से हटा दिया गया है। इस बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि लक्ष्मीर भंडार योजना के करीब 2.2 करोड़ लाभार्थियों में से लगभग 30 लाख लाभार्थी फर्जी हो सकते हैं। उन्होंने इस मामले में SIT जांच और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से भी पड़ताल की बात कही है। जांच के लिए आयोग गठित, सीधे कर सकेंगे शिकायत राज्य सरकार ने 18 मई को कथित कट-मनी, सरकारी फंड के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए 'इंस्टिट्यूशनल कमीशन' गठित किया है। रिटायर्ड जज विश्वजीत बसु इसकी अध्यक्षता करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि आयोग शुरू होने के बाद लोग सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। BJP ने TMC पर ग्रामीणों को धमकी देने का आरोप लगाया स्थानीय भाजपा नेता सुरेंद्र बर्मन ने आरोप लगाया कि TMC सरकार में ग्रामीणों को धमकी दी जाती थी कि अगर वे पैसे नहीं देंगे तो सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा या जमीन के लेन-देन में बाधा डाली जाएगी। हालांकि, कूचबिहार जिले के TMC नेतृत्व ने कहा कि पार्टी का किसी भी तरह की अवैध वसूली या कट-मनी से कोई संबंध नहीं है। पार्टी नेताओं ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने अवैध रूप से पैसे लिए हैं तो उसका जवाब उसे खुद देना होगा और पार्टी ऐसे कृत्यों का समर्थन नहीं करती। ------------------------- बंगाल की यह खबर भी पढ़ें… ममता बोलीं- पुलिस TMC कार्यकर्ताओं को धमकी दे रही:लेकिन मैं विरोध करती रहूंगी, लडूंगी या मर जाऊंगी; TMC नेताओं का बस स्टॉप पर धरना तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को सेंट्रल कोलकाता में धरना दिया। ये धरना उनके भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले, चुनाव के बाद हिंसा और फेरीवालों को हटाने के विरोध में हुआ। ममता ने कहा- हमें मंच बनाने और माइक्रोफोन इस्तेमाल करने की परमिशन नहीं दी गई। पुलिस TMC वर्कर्स को प्रदर्शनों में हिस्सा न लेने की धमकी दे रही है लेकिन मैं विरोध करती रहूंगी। पूरी खबर पढ़ें…