इस प्रकार विदेशी सेनापति युद्धोत्तर आधुनिकता का प्रतीक बन गया
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
लीपज़िग में जन्मे चित्रकार हंस हार्टुंग को नाजी युग के दौरान प्रवास करना पड़ा और उन्होंने फ्रांसीसी पक्ष से लड़ाई लड़ी। 45 के बाद वह सबसे महत्वपूर्ण जर्मन अनौपचारिक कलाकार बन गए, जैसा कि अब श्वैबिश गमुंड में देखा जा सकता है।