बेंगलुरु के पास बोल्डर का ढहना: आधा खाया हुआ भोजन वहीं रह गया, जहां खदान में नियमित कार्यदिवस घातक हो गया
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
खदान में कार्यरत अधिकांश श्रमिक कर्नाटक के यादगीर और रायचूर तथा झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश के प्रवासी मजदूर हैं।