'निगरानी अंतर' जिसने महीनों तक राम मंदिर दान की 'चोरी' को छुपाया
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला ने राम मंदिर का चंदा चुराने की एक सावधानीपूर्वक योजना का खुलासा किया है। गिरोह ने सीसीटीवी ब्लाइंड स्पॉट का अध्ययन किया, गिनती के दौरान मानव ढाल का इस्तेमाल किया और छोटे बैचों में नकदी की तस्करी की। मतगणना कक्ष की चाबी एक ऐसे व्यक्ति के पास थी जिसकी कोई आधिकारिक भूमिका नहीं थी, जिससे सुरक्षा के साथ और भी समझौता हो गया। बरामदगी में 79 लाख रुपये से अधिक नकदी और कीमती सामान शामिल है, जो दान प्रबंधन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण खामियों को उजागर करता है।