सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ट्रांस एथलीट के वकील: "किसी भी महिला के लिए बुरा"
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
टेलर, जो ट्रांसजेंडर एथलीट बेकी पेपर-जैक्सन का प्रतिनिधित्व करती हैं, का कहना है कि किशोर ने "कभी भी पुरुष यौवन का अनुभव नहीं किया है", क्योंकि वह उन दावों पर प्रतिक्रिया करती है कि ट्रांस एथलीटों को खेल टीमों पर संभावित ताकत का लाभ मिल सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टेलर "सीबीएस न्यूज मॉर्निंग्स" में शामिल हो गईं, जिसमें निर्धारित किया गया था कि राज्य महिलाओं के खेलों में ट्रांस एथलीटों पर प्रतिबंध बरकरार रख सकते हैं।