उनके बेटे को 2 साल की उम्र में ऑटिज्म का पता चला था। उन्होंने आगे जो किया वह पालन-पोषण के लिए एक सबक है
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
मुंबई की एक माँ ने अपने बेटे विहान के ऑटिज़्म निदान के बाद गंभीर भविष्यवाणियों को खारिज कर दिया, और इससे उसकी क्षमता को परिभाषित करने से इनकार कर दिया। संचार और सामाजिक निर्णय के साथ शुरुआती संघर्षों के बावजूद, सयूरी दलवी के अटूट समर्थन और दौड़ जैसी साझा गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने से विहान को आगे बढ़ने में मदद मिली। अब 21 साल के हो गए हैं, वह ड्राइव करते हैं, लिखते हैं और हजारों लोगों को प्रेरित करते हैं, यह साबित करते हुए कि सीमाएं अक्सर सामाजिक होती हैं, अंतर्निहित नहीं।