पत्नी को भरण-पोषण देने से इनकार नहीं किया जा सकता क्योंकि माता-पिता उसका समर्थन करते हैं: उच्च न्यायालय
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
पारिवारिक अदालत ने दिसंबर 2023 में पारित अपने आदेश में पत्नी के भरण-पोषण के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया था, जबकि प्रत्येक बच्चे को 3,000 रुपये प्रति माह गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था।