अधिकांश क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के साथ भारत की समस्याएँ क्या हैं? | व्याख्या की
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
भारत को लगातार 'जंक' स्थिति से केवल एक या दो ग्रेड ऊपर का दर्जा दिया गया है, जो तब होता है जब संस्थान डिफ़ॉल्ट के डर से पैसा उधार देना बंद कर देंगे