आईबीजी, शक्तिबाण और दिव्यास्त्र इकाइयां: सेना भविष्य के युद्धों के लिए खुद को कैसे नया आकार दे रही है
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
भारतीय सेना एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के दौर से गुजर रही है, जो कम प्रौद्योगिकी-संचालित लड़ाकू इकाइयों की ओर बढ़ रही है। तेजी से तैनाती और निर्णायक हमलों के लिए विभिन्न हथियारों को मिलाकर नए एकीकृत युद्ध समूह (आईबीजी) बनाए जा रहे हैं। निगरानी और सटीक लक्ष्यीकरण को बढ़ाने के लिए शक्तिबाण रेजिमेंट और दिव्यास्त्र बैटरी जैसी विशेष ड्रोन इकाइयाँ भी शुरू की जा रही हैं। इस आधुनिकीकरण का लक्ष्य भविष्य के बहु-डोमेन संघर्षों के लिए तैयार एक अधिक स्मार्ट, अधिक चुस्त बल बनाना है।