महंगी थीम से बचें, वैल्यूएशन और स्टॉक पिकिंग पर ध्यान दें: समित वर्तक
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
भारतीय इक्विटी में उल्लेखनीय उछाल आया है, फिर भी चल रही भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों की धारणा सतर्क बनी हुई है। इसके बावजूद, विशेष रूप से छोटी और मध्य-कैप कंपनियों से मजबूत कॉर्पोरेट आय, प्रोत्साहन प्रदान करती है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों का दबाव कम हो गया है, लेकिन अप्रत्याशित वैश्विक घटनाएं जारी हैं। स्मॉल-कैप सेगमेंट में मूल्यांकन विशेष रूप से आकर्षक हैं, जो जाने-माने बाजार नेताओं से परे अवसर प्रदान करते हैं, हालांकि एआई अधिग्रहण को उच्च जोखिम वाले दांव के रूप में देखा जाता है।