आरबीआई के डॉलर प्रवाह उपायों से खरीदारी में समय लगेगा, लेकिन बाहरी जोखिम बने रहेंगे
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि डॉलर के प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक के हालिया उपाय एक अस्थायी समाधान हैं। हालांकि इन कदमों का लक्ष्य अब रुपये को स्थिर करना है, लेकिन देश को अगले तीन से पांच वर्षों में भुगतान संतुलन को मजबूत करना होगा। अन्यथा, जैसे ही विदेशी मुद्रा उधार और जमा परिपक्व होंगे, उलटा प्रवाह रुपये पर फिर से दबाव डाल सकता है, जिसके लिए एक मजबूत बीओपी या बड़े भंडार की आवश्यकता होगी।