भारत का ऋण बाज़ार अगले विकास चरण के वित्तपोषण के लिए तैयार नहीं: रिपोर्ट
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
डेलॉइट ने चेतावनी दी है कि भारत के ऋण बाजार को अपनी महत्वाकांक्षी आर्थिक वृद्धि को वित्तपोषित करने के लिए तत्काल संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता है। रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि घरेलू बचत में बदलाव के कारण केवल बैंक जमा पर निर्भर रहना अब व्यवहार्य नहीं है। 2030 तक अपने $7.3 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, बाजार को बढ़ती पूंजी अंतर को कुशलतापूर्वक पाटने और राष्ट्रीय आर्थिक आकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए अधिक गहराई, तरलता और एकीकरण की आवश्यकता है।