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Alívio da tempestade e do calor em muitos estados, incluindo UP-MP: Estradas submersas em Jodhpur-Udaipur, no Rajastão; A monção chegará a Kerala em 2-3 dias

Alívio da tempestade e do calor em muitos estados, incluindo UP-MP: Estradas submersas em Jodhpur-Udaipur, no Rajastão; A monção chegará a Kerala em 2-3 dias

Internacional 02/06/2026 Dainik Bhaskar 👁 34
⚡ Resumo rápido

देश के कई राज्यों में जून की शुरुआत गर्मी से राहत लेकर आई। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, हरियाणा और बिहार के कई इलाकों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि हुई। इससे तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान के 10 जिलों में बारिश हुई। उदयपुर के गोगुंदा में अस्पताल के बाहर पानी भर गया। जोधपुर के पीपाड़ शहर में बारिश के बाद सड़कें तालाब बन गईं। पाली के घाणेराव में सड़कों पर नदी की तरह पानी बहने लगा। दिल्ली में 1 जून का दिन पिछले तीन सालों की तुलना में सबसे ठंडा रहा। सफदरजंग में तापमान 36.3°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.7°C कम है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और बादल छाने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों में केरल पहुंच सकता है। IMD ने पहले 26 मई को मानसून पहुंचने का अनुमान लगाया था। मानसून सामान्य तौर पर 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है और अगले डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर करता है। मौसम की डिटेल नीचे बताएंगे, उससे पहले गर्मी के असर से AC में होने वाले ब्लास्ट से जुड़ी ये खबर पढ़ लीजिए… AC में ब्लास्ट क्यों होता है, हो सकते हैं ये कारण; एसी के साथ न करें ये 9 गलतियां, जानें यूज के 13 सेफ्टी टिप्स हाल ही में दिल्ली के हौज खास इलाके में पूर्व IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार के घर में AC ब्लास्ट के बाद भीषण आग लग गई। इस हादसे में उनकी मौत हो गई। इससे पहले दिल्ली के विवेक विहार में AC में आग लगने से 9 लोगों की जान गई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एसी में आग क्यों लगती है। पढ़ें पूरी खबर राज्यों से मौसम की तस्वीरें… इस साल कम हो सकती है बारिश मौसम विभाग ने कहा है कि इस साल देश में मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। पूरे सीजन में बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का लगभग 90% रहने का अनुमान है। LPA यानी लॉन्ग पीरियड एवरेज किसी क्षेत्र में 30 से 50 सालों के दौरान हुई औसत बारिश को कहा जाता है। भारत में 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर मानसून की औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है। अगर किसी साल बारिश LPA के 90% से कम रहती है, तो उसे सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में रखा जाता है। अल नीनो बन सकता है वजह IMD का कहना है कि इस साल कम बारिश की एक बड़ी वजह अल नीनो हो सकती है। अल नीनो एक मौसमीय स्थिति है, जिसके दौरान प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है। इसका असर भारत के मानसून पर पड़ता है और अक्सर बारिश कम होती है। फिलहाल प्रशांत महासागर में स्थिति धीरे-धीरे अल नीनो की ओर बढ़ रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जून में एल नीनो कमजोर रह सकता है, लेकिन सितंबर तक यह मध्यम या मजबूत रूप ले सकता है। अगले दो दिन के मौसम का हाल 3 जून: 4 जून:

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