Straßenlehrer am helllichten Tag in Amritsar durch Durchschneiden der Kehle ermordet: Leiche mit dem Gesicht nach unten liegend aufgefunden, Fleischstücke verstreut; haben die Studiengebühren ihrer Tochter abgesagt
अमृतसर में दिनदहाड़े बीच रोड पर सरकारी टीचर जगदीप सिंह (40) की गला काटकर हत्या कर दी गई। वह 11वीं में पढ़ रही बेटी को जंडियाला में ट्यूशन छोड़ने के बाद स्कूटी पर घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। उन पर तेजधार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए गए। हमलावरों ने सीधे उनके गले पर वार किया। जिस वजह से ज्यादा खून बहने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनकी लाश रोड पर औंधे मुंह गिरी मिली। आसपास मांस के टुकड़े भी बिखरे हुए थे। घटना के बाद तुरंत पुलिस वहां पहुंची। जिसके बाद हमलावरों की तलाश में CCTV कैमरे खंगाले जा रहे हैं। जगदीप गैरी मंडी स्कूल में टीचर थे। चाचा बोले- सूचना मिलते ही दौड़े, मौके पर बाइक-चप्पलें मिलीं मृतक के चाचा सुरिंदर सिंह ने बताया कि जगदीप सिंह गांव तलवंडी का रहने वाला है। वह अपनी बेटी को ट्यूशन छोड़ने गया था। रोज की तरह अपनी बेटी को छोड़कर वापस आ रहे थे, लेकिन रास्ते में नरैणगढ़ ड्रेन के पास उन पर हमला हो गया। यह घटना दोपहर 2 बजे की है। हमें सूचना मिली तो तुरंत परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। चाचा सुरिंदर ने बताया कि मौके से जगदीप की बाइक और चप्पलें बरामद हुई हैं। परिवार ने कहा कि जगदीप सिंह का किसी के साथ कोई विवाद, दुश्मनी या लड़ाई-झगड़ा नहीं था। वह एक सरकारी टीचर के रूप में कार्यरत थे और अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाते थे। परिवार को समझ नहीं आ रहा कि आखिर उनकी हत्या क्यों की गई। टीचर के कत्ल को लेकर DSP की 2 अहम बातें:- अब पढ़िए बहन और भाभी ने क्या कहा… बहन बोली- सरकारें सिर्फ आश्वासन देती हैं जगदीप सिंह की बहन ने बताया कि उन्हें घटना के कारणों के बारे में कुछ नहीं पता, वे सीधे मौके पर पहुंची थीं। भाई की किसी से कोई पुरानी रंजिश या दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने कहा कि पुलिस घटना के 2 घंटे बाद पहुंची। इसके बाद पुलिस एरिया को लेकर उलझी रही। उन्होंने कहा कि सरकारें सिर्फ आश्वासन देती हैं, पर बाद में कोई कार्रवाई नहीं होती। पंजाब का माहौल अब बेहद खतरनाक हो चुका है। परिवार में अब पत्नी, बेटी और बुजुर्ग माता रह गए हैं। भाभी बोली- फोन और पैसे छीनने की कोशिश की मृतक की भाभी रुपिंदर कौर ने कहा की देवर जगदीप सिंह अपनी बेटी को ट्यूशन छोड़कर घर लौट रहे थे। रास्ते में कुछ लुटेरों ने उन्हें रोका और उनका फोन और पैसे छीनने की कोशिश की। जब जगदीप सिंह ने इसका विरोध किया, तो लुटेरों ने उन पर हथियारों से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। टीचर की किसी के साथ दुश्मनी नहीं थी उन्होंने कहा कि घटना का पता तब चला जब गांव के ही एक लड़के ने उन्हें रास्ते में गिरा हुआ देखा। उसने घर पर फोन किया। रुपिंदर ने कहा कि इलाके में लूटपाट की घटनाएं आम हो चुकी हैं। लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।