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Modi erreichte Paris und wurde von Menschen indischer Herkunft begrüßt: Trump sagte beim G7-Gipfel: „Amerika steht an unserer Seite, wenn Indien während Modis Amtszeit angegriffen wird.“

Modi erreichte Paris und wurde von Menschen indischer Herkunft begrüßt: Trump sagte beim G7-Gipfel: „Amerika steht an unserer Seite, wenn Indien während Modis Amtszeit angegriffen wird.“

Technologie 18/06/2026 Dainik Bhaskar 👁 5
⚡ Kurzzusammenfassung

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार देर रात करीब 2 बजे (भारतीय समय अनुसार) पेरिस पहुंचे। वे रात 12 बजे फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित दो दिवसीय G7 समिट में शामिल होने के बाद रवाना हुए थे। पेरिस में होटल के बाहर भारतीय मूल के लोगों ने पीएम मोदी का स्वागत किया। मोदी ने लोगों से हाथ मिलाया और बच्चों को दुलारा भी। पीएम गुरुवार शाम Vivatech 2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहेंगे। एक दिन पहले मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित 52वें G7 समिट में शामिल हुए। उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से 18 मिनट द्विपक्षीय बातचीत हुई। पीएम मोदी और ट्रम्प गर्मजोशी से मिले। ट्रम्प ने वादा किया है कि मोदी के रहते कभी भारत पर हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए साथ खड़ा होगा। मोदी के अलावा कोई और नेता भारत में होगा तो मुझे सोचना पड़ेगा। अब मोदी-ट्रम्प मुलाकात की तस्वीर यूरोप का बड़ा तकनीकी सम्मेलन है Vivatech Vivatech यूरोप का बड़ा तकनीकी सम्मेलन है, जहां दुनियाभर की नई इंडस्ट्रीज, टेक्निक कंपनियां, इंवेस्टर और एक्सपर्ट नई टेक्निक और इनोवेशन का डिस्प्ले करते हैं। मुख्य तौर पर आर्टिफिशिअल इंटेलिजेंस (AI), स्टार्टअप और उद्यमिता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, हरित प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, भविष्य की उभरती तकनीकों पर उन पर चर्चा करते हैं। यहां भारत का राष्ट्रीय मंडप (इंडिया पैवेलियन) भी स्थापित किया गया है, जहां देश के स्टार्टअप, नवाचार और तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जा रहा है। दरअसल, पीएम मोदी की 6 दिन फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा का आज अंतिम दिन है। मोदी 13-14 जून तक फ्रांस के नीस शहर में थे। इसके बाद 14 से 16 तक स्लोवाकिया में रहे। वहां से लौटकर एवियन में G7 समिट में शामिल हुए। G7 समिट में ट्रम्प बोले- मैं मोदी की तरह नहीं 17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में 52वें G7 समिट का दूसरा दिन रहा। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की द्विपक्षीय चर्चा हुई। इसमें ट्रम्प ने कहा- जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं, व्हाइट हाउस में मोदी का हमेशा अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा। ट्रम्प ने पीएम मोदी की तारीफ में कहा- जब तक मोदी लीडर हैं, इंडिया हर फील्ड में बड़ा रोल निभाएगा। मोदी शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह नहीं हूं। बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा जरूरी है। उम्मीद है कि ईरान के साथ डील में भारतीयों की सुरक्षा पक्की की जाएगी। मोदी ने दोनों दिन भारतीय की मौत का मुद्दा उठाया पीएम मोदी ने G7 समिट में 16 जून और 17 जून दोनों ही दिन होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने समिट के पहले दिन मंगलवार को आउटरीच सेशन में कहा था कि इस अहम समुद्री मार्ग में कई भारतीयों ने जान गंवाई है और वैश्विक व्यापार को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है। G7 समिट में कई वर्ल्ड लीडर्स से पीएम की मुलाकात और चर्चा G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई प्रमुख वैश्विक नेताओं से मुलाकात की। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प , ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शामिल थे। इन नेताओं के साथ हुई बैठकों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, वैश्विक सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। 14-16 जून: मोदी का स्लोवाकिया दौरा, सवोच्च नागरिक सम्मान मिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया के दौरे पर रहे थे। 15 जून को उन्हें स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से नवाजा गया था। राजधानी ब्रातिस्लावा में उन्हें सम्मानित किया गया था। सम्मान मिलने पर पीएम मोदी ने X पोस्ट में लिखा - वह इसके लिए स्लोवाकिया की सरकार और वहां के लोगों के आभारी हैं। यह सम्मान भारत के 140 करोड़ लोगों का है और इसे भारत-स्लोवाकिया की मजबूत एवं स्थायी दोस्ती को समर्पित करते हैं। इससे पहले मोदी और स्लोवाकियन पीएम रॉबर्ट फिको के बीच बातचीत के बाद द्विपक्षीय डिफेंस और ट्रेड डील हुई थी। ब्रातिस्लावा के महल में स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको से मुलाकात के बाद मोदी ने फिको को भारत आने का न्योता भी दिया था। भारत और स्लोवाकिया ने द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ (कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप) के स्तर तक अपग्रेड करने का फैसला किया। दोनों देशों के बीच प्रवासन, डिजिटल प्रौद्योगिकी, रक्षा, शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। पूरी खबर पढ़ें… 13 से 14 जून: पीएम मोदी का फ्रांस दौरा, पहला फेज 14 जून को फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की द्विपक्षीय बैठक हुई थी। दोनों देशों के बीच 13 बड़े समझौते हुए थे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, स्पेस और शिक्षा पर बात हुई थी। दोनों देशों ने अगले 5 साल में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए एक हाई-लेवल सिस्टम और इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग की शुरुआत की। इससे पहले दोनों नेताओं ने ‘भारत इनोवेट्स 2026’ प्रोग्राम का उद्घाटन किया, जिसमें भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स ने हिस्सा लिया। प्रोग्राम के बाद राष्ट्रपति मैक्रों प्रधानमंत्री मोदी को नीस के पास स्थित विला केरीलोस घुमाने ले गए थे। यह फ्रांस की प्रसिद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है। मैक्रों ने यहां पीएम के साथ सेल्फी ली थी। पूरी खबर पढ़ें… भारत G7 में गेस्ट नेशन, पीएम 7वीं बार शामिल हुए भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2005 से 2013 के बीच पांच बार G7 (पहले G8) समिट में हिस्सा लिया था। PM मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में आयोजित G7 समिट में आमंत्रित किया गया था। 2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन उसने तब समिट रद्द कर दी। इसके बाद 2021 में ब्रिटेन की मेजबानी में आयोजित सम्मेलन में PM मोदी वर्चुअली शामिल हुए। इसके अलावा मोदी 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान, 2024 में इटली और 2025 में कनाडा में आयोजित G7 समिट में शामिल हुए। G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं?

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