मुहर्रम की तीसरी रात को इक़बालियाह; महफ़िल में गूंजी "लबिक या हुसैन (अ.स.)"।
📖 लेख स्रोत — 🇮🇷 फारसीइक़बालिया- इक़बालिया के लोगों ने सार्वजनिक समारोहों की निरंतरता में और मुहर्रम की तीसरी रात के साथ-साथ धार्मिक प्रतिनिधिमंडलों में भाग लेकर सैय्यद अल-शाहदा (एएस) की स्मृति और नाम का सम्मान किया।
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