न्यायाधीश ने कहा, प्रासंगिक विचार यह है कि जिस व्यक्ति को 'आतंकवादी संगठनों से धमकियां' मिली थीं, उसने लेबनान में रहते हुए कोई एहतियाती कदम उठाए थे या नहीं