क्यूम - मदरसा के प्रोफेसर ने आशूरा आंदोलन के विभिन्न आयामों का जिक्र करते हुए कहा: इमाम हुसैन (पीबीयू) का आंदोलन सिर्फ एक राजनीतिक या सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि इसमें धार्मिक, सामाजिक और नैतिक संदेशों की एक श्रृंखला शामिल थी।