राष्ट्रपति समझते हैं कि "डिजिटल भविष्य को सुरक्षित, नैतिक तरीके से और सार्वजनिक हित के अनुरूप बनाने और जीने के लिए बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों की भागीदारी आवश्यक है"