जैसा कि वर्तमान रियास रिपोर्ट से पता चलता है, यहूदी विरोधी घटनाओं की संख्या उच्च स्तर पर बनी हुई है। कड़वा निष्कर्ष: यहूदी विरोध अब समाज में व्यापक हो गया है।