राशनिंग, लंबी कतारें, बढ़ती कीमतें: युद्ध से संबंधित ईंधन की कमी रूस के कई क्षेत्रों तक पहुंच गई है। कई लोग सोशल नेटवर्क पर इस पर कटु उपहास के साथ टिप्पणी करते हैं।