कृष्णा मिल्क यूनियन के अध्यक्ष का कहना है कि प्रोजेक्ट कामधेनु के लिए लिया गया ऋण सात वर्षों में चुकाने के लिए निर्धारित था, लेकिन केवल 30 महीनों में ही भुगतान कर दिया गया।