Chhattisgarh - Líder del BJP quemado vivo en Fortuner, 3 muertos: incendiado haciendo autostop, colegas cortados con hacha, asesinado en disputa por contrabando de arena
Internacional17/06/2026Dainik Bhaskar
👁 9
Compartir:
⚡ Resumen rápido
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत कारोबार को लेकर हुए विवाद में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष लल्ला सिंह की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि रेत कारोबार से जुड़े लोगों ने उनकी फॉर्च्यूनर कार के आगे-पीछे हाईवा अड़ाकर रास्ता रोका, फिर पेट्रोल छिड़ककर कार में आग लगा दी। कार में सवार उनके भाई समेत 3 अन्य लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन आरोपियों ने उनकी भी बेरहमी से पिटाई कर दी। हमले में सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें लल्ला सिंह के साथ मौजूद विरेंद्र सिंह (28) की अंबिकापुर के जीवन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। विरेंद्र रायपुर में एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे। हमले के दौरान उनके गले पर फरसे से वार किया गया था। इसके अलावा गंभीर रूप से घायल नागेंद्र सिंह (53) ने भी दम तोड़ दिया है। उन्हें रायपुर रेफर किया गया था। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। नागेंद्र 80% जल चुके थे। इसके साथ ही इस वारदात में मरने वालों की संख्या बढ़कर 3 हो गई है। वहीं, मयंक सिंह के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। योगेंद्र सिंह का हाथ टूट गया है और उन्हें अंदरूनी चोटें आई हैं। घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। घटना सोनहत थाना क्षेत्र की है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भाजपा नेता एक दूसरे के खून के प्यासे बन चुके हैं। कांग्रेस पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि भाजपा के नेता रेत खदान की काली कमाई से अपना घर भरने में लगे हैं। वहीं सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि मामले में गिरफ्तारी हुई है। जांच हो रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। देखिए पहले ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ?
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत कारोबार को लेकर हुए विवाद में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष लल्ला सिंह की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि रेत कारोबार से जुड़े लोगों ने उनकी फॉर्च्यूनर कार के आगे-पीछे हाईवा अड़ाकर रास्ता रोका, फिर पेट्रोल छिड़ककर कार में आग लगा दी। कार में सवार उनके भाई समेत 3 अन्य लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन आरोपियों ने उनकी भी बेरहमी से पिटाई कर दी। हमले में सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें लल्ला सिंह के साथ मौजूद विरेंद्र सिंह (28) की अंबिकापुर के जीवन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। विरेंद्र रायपुर में एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे। हमले के दौरान उनके गले पर फरसे से वार किया गया था। इसके अलावा गंभीर रूप से घायल नागेंद्र सिंह (53) ने भी दम तोड़ दिया है। उन्हें रायपुर रेफर किया गया था। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। नागेंद्र 80% जल चुके थे। इसके साथ ही इस वारदात में मरने वालों की संख्या बढ़कर 3 हो गई है। वहीं, मयंक सिंह के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। योगेंद्र सिंह का हाथ टूट गया है और उन्हें अंदरूनी चोटें आई हैं। घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। घटना सोनहत थाना क्षेत्र की है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भाजपा नेता एक दूसरे के खून के प्यासे बन चुके हैं। कांग्रेस पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि भाजपा के नेता रेत खदान की काली कमाई से अपना घर भरने में लगे हैं। वहीं सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि मामले में गिरफ्तारी हुई है। जांच हो रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। देखिए पहले ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? सोनहत के नौगई गांव में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था। रेत के अवैध खनन और तस्करी को लेकर उनका भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। देर रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों ने भरत सिंह के घर को घेर लिया। विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने फॉर्च्यूनर कार के आगे और पीछे हाईवा वाहन लगाकर उसका रास्ता रोक दिया और कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। कार में भरत सिंह, उनका भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह सवार थे। साथी को फरसे से काटा, 3 को पीटा कार सवार भरत सिंह बुरी तरह से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनके भाई नागेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह और मयंक बाहर निकलने में सफल रहे। कार से बाहर निकलते ही तीनों की बेदम पिटाई की गई। विरेंद्र के गले पर फरसे से वार किया गया था, गंभीर हालात में उन्हें अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 4 गिरफ्तार, 3 की तलाश जारी मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा देर रात ही कोरिया पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। पुलिस और प्रशासन के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है। भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह क्षेत्र के प्रभावशाली भाजपा नेताओं में गिने जाते थे और सोनहत क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती थी। वे पहले रामचंद्र सिंहदेव के करीबी रहे थे, लेकिन बाद में मतभेद होने पर भाजपा में शामिल हो गए थे। हालांकि, इस मामले 7 लोगों के खिलाफ FIR हुई है। अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मनोज त्रिपाठी सहित 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 3 लोगों की तलाश की जा रही है। एक दिन पहले भी हुआ था विवाद रेत घाट को लेकर दोनों पक्षों के बीच दो दिन पहले भी विवाद हुआ था। विवाद के बाद मनोज त्रिपाठी के भाई निशांत त्रिपाठी ने उत्कर्ष सिंह, लवकुश सिंह और मयंक सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इनमें लल्ला सिंह और उनके भाई के बेटे भी शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि रेत तस्करी के मुद्दे पर तनाव लगातार बढ़ रहा था। बुधवार को विवाद फिर भड़क गया, जिसके बाद यह हिंसक वारदात सामने आई। मनोज त्रिपाठी को भाजपा विधायक रेणुका सिंह का करीबी नेता माना जाता है। पुलिस घटनाक्रम की जांच कर रही है और विवाद से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाल रही है। परिवार ने की एनकाउंटर और CBI जांच की मांग सोनहत विकासखंड के नौगई गांव में मृतक भरत सिंह घर में शोक का माहौल है। परिजनों ने कहा कि आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिए। साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच कराने की मांग की है। भाजपा नेता एक दूसरे के खून के प्यासे बन चुके- बैज कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज कहा कि प्रदेश में रेत खनन को लेकर गैंगवार चल रहा है। सत्ता क Bajo su protección, los líderes del Partido Bharatiya Janata tienen sed de sangre mutua. Dominan el gobierno de la mafia y el gobierno de los buenos. Todo sucede bajo la protección del poder. Y su ciudad está bajo el gobierno de Chaupat Raja. ………………………. Lea también esta noticia relacionada con la delincuencia… Hijo del líder del Congreso asesinado de un tiro en la cabeza: Malhechores enmascarados entraron a la casa, abrieron fuego; Padre dijo: asesinado debido al negocio de la arena. El hijo del líder del Congreso fue asesinado a tiros en el distrito Janjgir-Champa de Chhattisgarh. La noche del 23 de abril, tres delincuentes enmascarados entraron en la casa y abrieron fuego. El acusado aún se encuentra fuera de la custodia policial. El asunto es en la aldea de Karhi, en la zona de la comisaría de policía de Birra. Lea la noticia completa…