2022 में शिवसेना में हुई टूट के बाद अब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना-यूबीटी पर फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। दरअसल, पार्टी के कुछ सांसदों और विधायकों के शिंदे शिवसेना के संपर्क में होने की बात सामने आई है।