Alegação de Rahul - Digitalizei a 12ª folha de respostas pelo celular: Beneficiou o fornecedor específico; Disse sobre taxas de reavaliação - cuidado com os batedores de carteira do CBSE
Internacional01/06/2026Dainik Bhaskar
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने CBSE की टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्रों की आंसरशीट को ऑटोमैटिक रोबोटिक स्कैनर की बजाय मोबाइल फोन से स्कैन किया गया। राहुल गांधी ने छात्र सार्थक सिद्धांत की X पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि अगस्त में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का टेंडर दोबारा जारी किया गया था। उस समय कई जरूरी शर्तें हटा दी गईं और स्कैनिंग की क्वालिटी भी 300 DPI से घटाकर 200 DPI कर दी गई। राहुल ने कहा कि धुंधली आंसरशीट, गायब पन्ने और कई कॉपियों का स्कैन न होना सिर्फ तकनीकी गलती नहीं है। उनके मुताबिक, यह सब किसी खास वेंडर को फायदा पहुंचाने के लिए किए गए कॉन्ट्रैक्ट का नतीजा है। CBSE के OSM सिस्टम और टेंडर प्रोसेस पर राहुल के बयान वह फोटो, जिसमें कॉपी स्कैनिंग की गलतियां दिखाई स्टूडेंट सिद्धांत कुमार के सवाल...
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने CBSE की टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्रों की आंसरशीट को ऑटोमैटिक रोबोटिक स्कैनर की बजाय मोबाइल फोन से स्कैन किया गया। राहुल गांधी ने छात्र सार्थक सिद्धांत की X पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि अगस्त में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का टेंडर दोबारा जारी किया गया था। उस समय कई जरूरी शर्तें हटा दी गईं और स्कैनिंग की क्वालिटी भी 300 DPI से घटाकर 200 DPI कर दी गई। राहुल ने कहा कि धुंधली आंसरशीट, गायब पन्ने और कई कॉपियों का स्कैन न होना सिर्फ तकनीकी गलती नहीं है। उनके मुताबिक, यह सब किसी खास वेंडर को फायदा पहुंचाने के लिए किए गए कॉन्ट्रैक्ट का नतीजा है। CBSE के OSM सिस्टम और टेंडर प्रोसेस पर राहुल के बयान वह फोटो, जिसमें कॉपी स्कैनिंग की गलतियां दिखाई स्टूडेंट सिद्धांत कुमार के सवाल... स्टूडेंट सिद्धांत कुमार ने कथित तौर पर स्कैन की गई कॉपियों के फोटो शेयर किए हैं। उन्होंने लिखा है- CBSE, आपने कहा था कि इन कॉपियों को स्कैन करने के लिए आपने स्कैनर्स का इस्तेमाल किया था। अब, जबकि ये कॉपियां आम लोगों के देखने के लिए उपलब्ध हैं, तो क्या आप यह बताने की कृपा करेंगे कि स्कैनर से स्कैन किए जाने पर किन कॉपियों में ‘ड्रॉप शैडो’ आता है। और ये तीन मोड़ (फोल्ड) कैसे आए। राहुल ने रीवैल की फीस पर भी सवाल उठाए राहुल ने CBSE की आंसरशीट जांच और रीइवैल्यूएशन की फीस को लेकर केंद्र सरकार और बोर्ड पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने X पोस्ट पर लिखा- जेबकतरों से सावधान - आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं। CBSE की गलती से नंबर गलत आए तो आपको क्या मिलता है।एक बिल,अपनी ही की सही जांच आंसरशीट के लिए एक बच्चे को ₹2000 तक भरने पड़ सकते हैं।सोचिए, जब 4 लाख बच्चों ने ऐसे आवेदन डालें हैं तो CBSE कितनी कमाई कर रहा है।जब स्कैनिंग फोन से हुई हो, ग़लत मार्किंग तय है। और उसे ठीक करवाने की कीमत बच्चा भर रहा है।गलती CBSE की। सजा बच्चे की। कमाई सरकार की। एक दिन पहले CBSE 12वीं के स्टूडेंट्स से भी मिले राहुल गांधी ने CBSE 12वीं क्लास के छात्रों से मुलाकात की थी। उन्होंने X पर छात्रों से बातचीत का 1.30 मिनट का वीडियो पोस्ट किया था। कैप्शन में लिखा- जिन साहसी युवाओं ने CBSE और मोदी सरकार से आसान सवाल पूछे, उन्हें जवाब की जगह अपमान मिला। वीडियो में छात्रों ने राहुल से कहा- आंसर शीट को लेकर सवाल पूछने पर हमें एंटी-नेशनल, डीप स्टेट एजेंट्स (जासूस), आतंकवादी और पाकिस्तानी कहा गया। राहुल ने हंसते हए कहा- 17 साल के डीप स्टेट एजेंट्स। राहुल से जिन छात्रों से बात की, उनमें वेदांत भी शामिल थे। वेदांत की एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि री-इवैल्यूएशन के दौरान पोर्टल पर उनकी फिजिक्स कॉपी की जगह किसी और की कॉपी अपलोड की गई थी। वेदांत के बाद कई अन्य छात्रों ने भी ऐसी शिकायतें कीं। पूरी खबर पढ़ें… अब पढ़िए, राहुल और छात्रों के बीच क्या बातचीत हुई- कांग्रेस बोली- 20 लाख छात्रों की प्राइवेसी खतरे में कांग्रेस ने CBSE की OSM प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि क्लास 12 के करीब 20 लाख छात्रों की कॉपियां पब्लिक डोमेन में उपलब्ध थीं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसे बड़ा डेटा लीक बताते हुए छात्रों की निजता पर गंभीर खतरा बताया है। 27 मई: राहुल ने OSM का काम करने वाली कंपनी पर सवाल उठाए थे राहुल गांधी ने 27 मई को OSM का काम करने वाली कंपनी COEMPT पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि CBSE ने जिस COEMPT कंपनी को एग्जाम के डिजिटल इवैल्यूएशन का ठेका दिया है, उसका पहले ग्लोबारिना नाम था। राहुल ने सवाल किया कि COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया। कौन-कौन से नियम और प्रक्रियाएं दरकिनार करके इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। COEMPT पहले ग्लोबारिना नाम से विवादों में घिर चुकी थी, यह बात CBSE को क्यों नहीं पता चली? COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध हैं। CBSE ने कहा- कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट देने में नियमों का पालन हुआ हालांकि, CBSE ने राहुल के आरोपों को खारिज किया। CBSE मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि COEMPT एडूटेक को कॉन्ट्रैक्ट देने में सभी जनरल फाइनल्स रूल्स और तय प्रक्रियाओं का पालन किया गया। आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। CBSE का कहना है कि इससे चेकिंग ज्यादा तेज और सटीक ढंग से होती है और मार्क्स जोड़ने या डेटा एंट्री में होने वाली गड़बड़ियों में कमी आती है। रिजल्ट के बाद उल्टा हुआ। स्टूडेंट्स ने सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होने और ब्लर पेज जैसी शिकायतें कीं। COEMPT पर तेलंगाना बोर्ड एग्जाम में गड़बड़ी के आरोप COEMPT एडूटेक तेलंगाना के दराबाद की क É uma empresa. Esta empresa realiza trabalhos de avaliação digital em estados como Telangana, Karnataka e Bengala Ocidental. Em 2019, seu nome era Globarena Technologies Unip. Ltd. Em seguida, foi acusada de irregularidades no processamento de dados no 12º exame da banca em Telangana. Naquele ano, mais de 3 lakh entre 9,74 lakh crianças no estado falharam. --------------------------------- Leia também esta notícia… Os alunos do 12º CBSE poderão fazer a reavaliação a partir de 1º de junho: Folha de respostas borrada, decisão tomada após falha do site; 4 lakh alunos se inscreveram. Os 12º alunos do Conselho Central de Educação Secundária (CBSE) agora poderão se inscrever online para reavaliação e cópia digitalizada da folha de respostas a partir de 1º de junho. Leia a notícia completa…