संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य G7 देश रूस पर अधिक दबाव डालकर यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के प्रयास तेज करने की योजना बना रहे हैं। जर्मन चांसलर इस दिन को यूक्रेन के लिए "आशा का दिन" मानते हैं।