महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना की तरह ही सपा में भी टूट होने वाली है। यह दावा यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को किया। उन्होंने ANI से बातचीत में कहा- महाराष्ट्र की तरफ ध्यान मत रखिए, अब यूपी का नंबर है। राजभर ने कहा- सपा नेता रामगोपाल यादव ने गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी दे दी है। धीरे से उनसे कह दिया है कि इतने लोगों के नाम हैं। इन्हें बुलाकर अपने पास ले लीजिए। हमारी जान बचाए रखिए। अगर ऐसा नहीं है, तो रामगोपाल जी खुलासा करें कि उस चिट्ठी में क्या लिखा है। उन्हें क्या तकलीफ है। राजभर के बयान पर सपा ने पलटवार किया है। सपा प्रवक्ता सुनील सिंह ने कहा- भाजपा और उनके सहयोगी बौखलाए हैं। राजभर की बकवास करने की आदत है। उन्हें इलाज कराना चाहिए। वहीं, अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुटकी लेते हुए कहा- 'दाना और गाना…कब तक चलेगा अफसाना'। राजभर बोले- अखिलेश रामगोपाल से भाजपा की मदद कराते हैं
राजभर ने कहा- खनन प्रकरण में CBI ने अखिलेश यादव का भी नाम रखा है। वह अभी बाहर हैं, उसी मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति जेल में हैं। गोमती रिवरफ्रंट मामले में कोई जेल गया क्या?
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना की तरह ही सपा में भी टूट होने वाली है। यह दावा यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को किया। उन्होंने ANI से बातचीत में कहा- महाराष्ट्र की तरफ ध्यान मत रखिए, अब यूपी का नंबर है। राजभर ने कहा- सपा नेता रामगोपाल यादव ने गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी दे दी है। धीरे से उनसे कह दिया है कि इतने लोगों के नाम हैं। इन्हें बुलाकर अपने पास ले लीजिए। हमारी जान बचाए रखिए। अगर ऐसा नहीं है, तो रामगोपाल जी खुलासा करें कि उस चिट्ठी में क्या लिखा है। उन्हें क्या तकलीफ है। राजभर के बयान पर सपा ने पलटवार किया है। सपा प्रवक्ता सुनील सिंह ने कहा- भाजपा और उनके सहयोगी बौखलाए हैं। राजभर की बकवास करने की आदत है। उन्हें इलाज कराना चाहिए। वहीं, अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुटकी लेते हुए कहा- 'दाना और गाना…कब तक चलेगा अफसाना'। राजभर बोले- अखिलेश रामगोपाल से भाजपा की मदद कराते हैं
राजभर ने कहा- खनन प्रकरण में CBI ने अखिलेश यादव का भी नाम रखा है। वह अभी बाहर हैं, उसी मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति जेल में हैं। गोमती रिवरफ्रंट मामले में कोई जेल गया क्या? पीएम मोदी ने सदन में कहा था कि कभी-कभी अखिलेश जी भी मदद कर देते हैं, तो अखिलेश मदद रामगोपाल से कराते हैं। वही चिट्ठी उन्होंने दी है। सपा प्रवक्ता बोले- 2027 में भाजपा को साफ करेंगे
सपा प्रवक्ता सुनील सिंह ने कहा-सपा ने 2024 में भाजपा को हाफ किया है, अब 2027 में भाजपा को साफ करने की तैयारी है। इसलिए भाजपा और उनके सहयोगी बौखलाए हैं। ओमप्रकाश राजभर अपनी दुकान चला रहे हैं। सुबह कुछ कहते हैं और शाम को कुछ और। महाराष्ट्र में उद्धव गुट में दोबारा टूट का दावा
दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। ये 6 सांसद आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं। इस पर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया कि सांसदों को 50-50 करोड़ रुपए ऑफर हुए हैं। मेरे पास जानकारी है कि सांसदों को 15-15 करोड़ रुपए पहुंचाए गए हैं और उन्हें 3 चार्टर्ड विमानों से दिल्ली ले जाया गया है। इस पर राजभर ने कहा- नेता बिकने को तैयार हैं, तभी तो ऐसा हो रहा है। टिकाऊ नेता पैदा करो। जो बिकने वाला पैदा करोगे, वह बिकेगा ही। 4 साल पहले टूटी थी शिवसेना 20 जून, 2022 को शिवसेना के 55 में से 40 विधायक शिंदे के साथ चले गए थे। उस समय उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे। बगावत के बाद राज्यपाल ने सरकार को फ्लोर टेस्ट कराने का निर्देश दिया। उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट पर रोक नहीं लगाई। इसके बाद उद्धव ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 30 जून, 2022 को शिंदे भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने। इसके बाद दोनों गुटों ने एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर कीं। कोर्ट ने इस मामले पर फैसला विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर पर छोड़ दिया। 10 जनवरी, 2024 को स्पीकर राहुल नार्वेकर ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बगावत के समय शिंदे गुट के पास 37 विधायक थे, इसलिए वही शिवसेना का वास्तविक राजनीतिक दल माना जाएगा। नार्वेकर ने दोनों पक्षों की अयोग्यता याचिकाएं खारिज कर दीं और किसी भी विधायक की सदस्यता रद्द नहीं की। इससे पहले चुनाव आयोग भी शिवसेना का चुनाव चिह्न धनुष-बाण और पार्टी का नाम शिंदे गुट को दे चुका था। --------------------------- ये खबर भी पढ़िए- 'हंसी का पात्र बनने वाला कोई काम न करें':ड्यूटी में रील बनाने वालों को CM योगी की चेतावनी सीएम योगी ने रीलबाज सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों को सख्त संदेश दिए हैं। उन्होंने ड्यूटी के दौरान रील बनाने को अनुशासनहीनता करार दिया है। सीएम ने कहा- अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोग ड्यूटी के समय रील बनाने में व्यस्त रहते हैं, यह अनुशासनहीनता का एक पार्ट है। उस समय उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए। ऐसा कोई काम नहीं होना चाहिए, जिससे व्यक्ति या विभाग उपहास का पात्र बने। पढ़िए पूरी खबर