तेहरान विश्वविद्यालय में चीनी अध्ययन के प्रोफेसर हामेद वफ़ाई का मानना ​​है कि चीन ने ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच वार्ता में भूमिका निभाई, जिसकी मध्यस्थता पाकिस्तान ने की थी। उनका मानना ​​है कि ईरान को बैठकर यह नहीं कहना चाहिए कि चीन मेरे लिए कुछ क्यों नहीं कर रहा है, यह हम ही हैं जिन्हें चीन को बताना चाहिए कि उसे क्या करना है। वफ़ाई ने कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में संतुलन बनाने वाला ध्रुव बन रहा है, उसके साथ काम करना कोई विकल्प नहीं बल्कि ज़रूरत है.