Претензия - Депутаты Шив Сена (UBT) прибыли в Дели: сегодня встретятся со спикером, пресс-конференция в 9 утра; Раут сказал: авансовое предложение депутатам в размере 15–15 миллионов фунтов стерлингов.
📖 Источник статьи — 🇮🇳 Хиндиमहाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) में टूट की आशंका तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उद्धव सेना के 9 में से 6 सांसद मंगलवार शाम चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंचे। आज लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सांसद सुबह 9 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकते हैं। यह भी दावा है कि महाराष्ट्र डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी मंगलवार को दिल्ली रवाना हुए। शिवसेना (शिंदे गुट) के MLC कृपाल तुमाने ने दावा किया कि 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत पिछले एक महीने से चर्चा चल रही है। अब अंतिम चरण में है। मानसून सत्र से पहले ये सांसद शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने मंगलवार रात X पर लिखा- अपना सपना मनी मनी, महाराष्ट्र के सांसदों को आज रात पार्टी बदलने के लिए ₹15 करोड़ एडवास दिया जा रहा है। यह शर्मनाक है। मंगलवार को दिन में राउत ने कहा था कि सांसदों के अलग गुट बनाने की खबरें पूरी तरह झूठी हैं। पार्टी ने छोड़ने के लिए अपने बच्चों-मां की कसम भी खाई थी। पार्टी में टूट पर उद्धव बोले- जिसे जाना है जाय उद्धव ने 2022 में हुई शिवसेना की टूट का जिक्र करते हुए कहा था- उस समय भी मुझे बगावत की जानकारी थी, लेकिन मैंने किसी पर दबाव नहीं बनाया। शिवसेना (UBT) सांसद ने मंत्री से मुलाकात की यवतमाल-वाशिम सीट से शिवसेना (UBT) सांसद संजय देशमुख ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से दिल्ली में मुलाकात की। देशमुख ने रविवार की बैठक में पारिवारिक कारणों का हवाला देकर व्यक्तिगत रूप से हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि PTI से बातचीत में राउत ने कहा कि इस मुलाकात को लेकर गलत तस्वीर पेश की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि शिवसेना (UBT) के सभी सांसद पार्टी के साथ हैं। राउत बोले- सभी सांसद एकजुट हैं UBT सांसद संजय राउत ने शिंदे गुट के दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं और टूट की खबरें गलत हैं। कृपाल तुमाने कौन हैं? महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा कोई बड़ा नाम नहीं है। राउत ने कहा- जब हमारा दिन आएगा, तो हम दिखाएंगे कि पार्टियां कैसे तोड़ी जाती हैं। चार दिन पहले उद्धव ठाकरे की बैठक में सभी सांसद शामिल हुए थे और उन्होंने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया था। कुछ नेताओं ने तो अपने परिजनों की कसम खाकर उद्धव ठाकरे के साथ रहने की बात कही थी। उद्धव ठाकरे ने रविवार को पार्टी सांसदों की बैठक बुलाई थी। लोकसभा के 9 सदस्यों में से केवल चार - अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल ने बैठक में फिजकली शामिल हुए थे जबकि ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख ने ऑनलाइन भाग लिया। चार साल पहले टूटी थी शिवसेना 20 जून 2022 को महाराष्ट्र में शिवसेना के 55 में से 40 विधायक एकनाथ शिंदे के साथ गए। तब उद्धव सीएम थे। राज्यपाल ने उन्हें फ्लोर टेस्ट को कहा। उद्धव सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट नहीं रोका तो उद्धव ने इस्तीफा दे दिया। 30 जून 2022 को शिंदे भाजपा के समर्थन से सीएम बन गए। फिर दोनों गुट एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने सुप्रीम कोर्ट गए। कोर्ट ने फैसला स्पीकर राहुल नार्वेकर पर छोड़ दिया। 10 जनवरी 2023 को स्पीकर ने कहा कि जब बगावत हुई, तब शिंदे गुट में 37 विधायक थे। इसलिए यही असली शिवसेना है। स्पीकर ने विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिकाएं खारिज कर दीं। इनकी सदस्यता भी रद्द नहीं की। इसी बीच, चुनाव आयोग ने शिवसेना का चुनाव चिह्न धनुष-बाण शिंदे गुट को दे दिया। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… क्या 4 साल बाद एक होगी उद्धव-शिंदे की शिवसेना:MLC चुनाव में खींचतान, कार्यकर्ता बोले- विचारधारा एक, हाईकमान के ऑर्डर का इंतजार 2 जून 2026 को उद्धव ठाकरे खेमे के बड़े नेता अंबादास दानवे और एकनाथ शिंदे गुट के विधायक अब्दुल सत्तार का काफिला आमने-सामने आ गया। दोनों नेताओं ने गाड़ी से उतरकर एक-दूसरे को गले लगाया। इनकी मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद अंबादास दानवे ने मीडिया में कहा- वक्त आ गया है कि दोनों शिवसेना एक हो जाएं। पूरी खबर पढ़ें…
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