Mutmaßlicher Terrorist aus Uttarakhand festgenommen, in China hergestellte Waffen geborgen: Kam aus PAK per Drohne; Plante vor dem 15. August eine große Verschwörung
⚡ Kurzzusammenfassung
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर से एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से चीन में बने हथियार बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई सेना, BSF और पंजाब पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर उत्तराखंड STF ने की है। संदिग्ध आतंकी का नाम ईशानप्रीत सिंह है, जो अमृतसर शहर का रहने वाला है। उसके पास से 3 जिगाना पिस्टल, 3 बरेटा पिस्टल, 6 मेड इन चाइना पिस्टल, 20 मैगजीन और लगभग 900 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। ईशानप्रीत सिंह के पास ये सभी हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब बॉर्डर पर पहुंचाए गए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वह 15 अगस्त से पहले किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। इसके साथी अभी पंजाब, उत्तराखंड और यूपी में एक्टिव है। सिलसिलेवार ढंग से पूरी खबर… 1.
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर से एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से चीन में बने हथियार बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई सेना, BSF और पंजाब पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर उत्तराखंड STF ने की है। संदिग्ध आतंकी का नाम ईशानप्रीत सिंह है, जो अमृतसर शहर का रहने वाला है। उसके पास से 3 जिगाना पिस्टल, 3 बरेटा पिस्टल, 6 मेड इन चाइना पिस्टल, 20 मैगजीन और लगभग 900 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। ईशानप्रीत सिंह के पास ये सभी हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब बॉर्डर पर पहुंचाए गए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वह 15 अगस्त से पहले किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। इसके साथी अभी पंजाब, उत्तराखंड और यूपी में एक्टिव है। सिलसिलेवार ढंग से पूरी खबर… 1. एक महीने पहले एजेंसियों को मिला था इनपुट- सेना, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को मई में इनपुट मिला था कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा पर हथियारों और ड्रग्स की एक बड़ी खेप पहुंचाई गई है। सूत्रों के मुताबिक, सीमा पार से आए इन हथियारों का इस्तेमाल 15 अगस्त से पहले किसी बड़ी घटना या नेटवर्क को मजबूत करने के लिए किया जाना था। इस तस्करी के तार पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सक्रिय अपराधियों से जुड़े हुए हैं। 2. अमृतसर में रेड और छत से कूदकर फरार हुआ आरोपी- 23 मई को पंजाब के अमृतसर में ANTF और BSF की टीम ने तस्करों के खिलाफ एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया था। टीम ने मुख्य आरोपी ईशानप्रीत सिंह के अमृतसर सिटी स्थित आवास पर रेड की। पुलिस टीम को देखते ही आरोपी ईशानप्रीत सिंह मकान की छत से छलांग लगाकर पीछे के रास्ते से फरार हो गया था, जिसके बाद से केंद्रीय सुरक्षा बल और पंजाब पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रहे थे। 3. घर की तलाशी में मिला था हथियारों का जखीरा- अमृतसर में आरोपी के घर की तलाशी के दौरान सुरक्षा एजेंसियां भी हैरान रह गई थीं। वहां से भारी मात्रा में अवैध हथियार और मादक पदार्थ बरामद किए गए थे, जिनमें 12 अवैध पिस्टल 3 बरेटा पिस्टल, 3 जिगाना पिस्टल और 6 मेड इन चाइना पिस्टल, 20 मैगजीन और लगभग 900 ग्राम हेरोइन (ड्रग्स)। 4. उत्तराखंड STF का तड़के ज्वाइंट एक्शन और गिरफ्तारी- पंजाब पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि आरोपी अपनी पहचान छुपाकर उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में शरण लिए हुए है। यह इनपुट तुरंत उत्तराखंड एसटीएफ से साझा किया गया। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन में एसटीएफ की एक विशेष टीम को तुरंत इस टास्क पर लगाया गया। 15 जून को तड़के एसटीएफ उत्तराखंड, पंजाब एएनटीएफ और बाजपुर स्थानीय पुलिस ने मौहल्ला केशवनगर, बाजपुर में एक साथ दबिश देकर आरोपी ईशानप्रीत सिंह को दबोच लिया। ईशानप्रीत सिंह पंजाब के अमृतसर शहर का रहने वाला है। आरोपी के खिलाफ पंजाब के SAS नगर में NDPS और आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज है। 5. पंजाब की एजेंसियां करेगी कार्रवाई- गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड एसटीएफ ने आरोपी से शुरुआती पूछताछ की, जिसमें पाकिस्तान-ड्रोन कनेक्शन की बात सामने आई। चूंकि मुख्य मुकदमा पंजाब में दर्ज है और यह एक बड़ा इंटरनेशनल नेटवर्क है, इसलिए आरोपी को अग्रिम कार्रवाई और विस्तृत पूछताछ के लिए पंजाब पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… देहरादून में टाइल्स लगाने वाला निकला संदिग्ध आतंकी:गिरफ्तार मुशर्रफ के दादा थे IIT रुड़की के कर्मचारी; इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तान से जुड़े यूपी की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तानी आतंकी मॉड्यूल के 4 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो उत्तराखंड से जुड़े हैं। ये लोग भाजपा दफ्तरों, अस्पताल, स्कूल और अन्य कई संवेदनशील ठिकानों पर ब्लास्ट करने की साजिश रच रहे थे। (पढ़ें पूरी खबर)
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