मेहरगान- मेहरगान के लोगों ने मुहर्रम की दूसरी रात के साथ ही सार्वजनिक समारोहों की 180वीं रात को इमाम हुसैन (अ.स.) के शोक समारोह में भाग लेकर एकता और धार्मिक मूल्यों को संरक्षित करने पर जोर दिया।