आनुवांशिकी और जीवनशैली ही मनोभ्रंश का एकमात्र कारण नहीं है। दुनिया की शीर्ष चिकित्सा पत्रिका ``द लैंसेट'' में प्रकाशित अध्ययन सहित कई अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों से पता चला है कि वायु प्रदूषण, हरित स्थान और तापमान जैसे दैनिक वातावरण का मस्तिष्क की उम्र बढ़ने से गहरा संबंध है।