ग्लास बिल्डिंग की घटना की बरसी पर एक बार फिर जनता के प्रतिरोध और खड़े होने की उस कहानी की समीक्षा की जाएगी, जिसकी आवाज धुएं और आग के मर्म से आगे निकल कर दुनिया के आजादी के दीवानों की पुकार बन गई.