एक जानकार सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच रूपरेखा समझौते में 300 अरब डॉलर का निजी निवेश कोष स्थापित करने की योजना शामिल है, जिसका उद्देश्य ईरान में निवेश को प्रोत्साहित करना है।