विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों ने पुष्टि की कि यूरोपीय संघ का ऑपरेशन इरिनी, जो लीबिया पर हथियार प्रतिबंध को लागू करने के लिए शुरू किया गया था, हथियारों के प्रवाह को कम करने में अपने लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाया, इसके पीछे का कारण इसकी सीमित शक्तियां और समुद्री मार्गों पर इसका लगभग पूरा ध्यान बनाम भूमि और हवाई बंदरगाहों पर कमजोर नियंत्रण बताया गया।