यह कहावत कि "फुटबॉल में अब कोई मूर्ख नहीं है" पुरानी है और शायद अब पुरानी हो चुकी है। यह अभिव्यक्ति तब उत्पन्न हुई जब कम निवेश और दृश्यता वाली टीमों को बेहतर परिणाम मिलने लगे।