रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय से इजरायल के समाज में वामपंथी और धुर दक्षिणपंथी ताकतों के बीच ऐसी आम सहमति नहीं देखी गई है कि अमेरिका-ईरान समझौता इजरायल के लिए एक "रणनीतिक हार" और संयुक्त राज्य अमेरिका और क्षेत्र के उदारवादी सुन्नी राज्यों के लिए "विफलता" है।