सीएमबी ने वास्तविक संचलन दर की गणना में परिवर्तन करके कंपनियों के सूचकांक भार को फिर से निर्धारित किया। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमन से शेयर बाजार की गहराई बढ़ेगी और निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा।