चूंकि इन पांच राज्यों में चुनाव उसी अवधि के आसपास होने हैं, जब जनगणना का काम चल रहा होगा, इसलिए आयोग आवश्यकता पड़ने पर मतदान की तारीखों को कुछ सप्ताह या कुछ महीने आगे बढ़ाने पर भी विचार कर सकता है।