Der Redner wird sich die Ansichten beider Fraktionen von TMC anhören: Das Mamta-Lager ist ebenfalls eingeladen; Wird ein Rechtsgutachten zum Anspruch der Rebellen-Abgeordneten auf eine Fusion mit NCPI einholen
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों ने लोकसभा में अलग ग्रुप के तौर पर मान्यता देने की मांग की है। इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद फैसला करेंगे। PTI के मुताबिक, स्पीकर कार्यालय ने ममता बनर्जी खेमे के सांसदों को भी ईमेल भेजकर बैठक के लिए बुलाया है। दोनों पक्षों से बात करने के बाद ही फैसला होगा। यह फैसला संसद के मानसून सत्र से पहले आ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, स्पीकर इस मामले में कानून मंत्रालय की राय भी ले सकते हैं। यह राय इसलिए ली जा रही है, ताकि स्पीकर का फैसला अदालत में चुनौती मिलने पर भी कानूनी जांच में टिक सके। रविवार को TMC के 20 बागी सांसदों में से 17 ने स्पीकर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था और अपने गुट के नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की जानकारी दी थी। 17 बागी सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की थी… एक्सपर्ट बोले- सांसद खुद किसी पार्टी में विलय नहीं कर सकते पूर्व लोकसभा महासचिव और संवैधानिक विशेषज्ञ पीडीटी आचार्य के मुताबिक, संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत केवल कोई राजनीतिक दल ही दूसरे राजनीतिक दल में विलय कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी पार्टी का नेतृत्व विलय का फैसला करता है, तो उसके सांसद और विधायक उसका हिस्सा बन सकते हैं, लेकिन सांसद या विधायक अपने दम पर किसी दूसरी पार्टी में विलय नहीं कर सकते। एक पूर्व चुनाव आयोग अधिकारी ने भी बागी सांसदों के NCPI में विलय के प्रस्ताव को "नई व्यवस्था" बताया। उनके मुताबिक, ऐसी व्यवस्था का जिक्र न तो दल-बदल कानून में है और न ही जनप्रतिनिधित्व कानून में। TMC बोली- अभिषेक को सिर्फ 2 घंटे का समय मिला ANI के मुताबिक, TMC सूत्रों का दावा है कि स्पीकर कार्यालय ने 15 जून को दोपहर 2 बजे अभिषेक बनर्जी को ईमेल भेजा था। इसमें उन्हें उसी दिन शाम 4 बजे दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया गया था। सूत्रों के अनुसार, उस समय अभिषेक बनर्जी ED की पूछताछ में शामिल थे। उनके पास फोन या ईमेल देखने की सुविधा नहीं थी। TMC का कहना है कि ईमेल भेजे जाने के करीब एक घंटे बाद सांसद कीर्ति आजाद को स्पीकर कार्यालय से फोन आया। इसके बाद कीर्ति आजाद वहां पहुंचे और बताया कि अभिषेक पूछताछ में व्यस्त हैं। उन्होंने बैठक के लिए दूसरी तारीख देने का अनुरोध किया। 15 मई: बागी TMC सांसद बोले- NDA के साथ काम करेंगे TMC 20 बागी सांसदों में से 17 सांसद ने रविवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की थी। लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था- TMC के दो-तिहाई लोकसभा सांसदों ने अलग गुट के रूप में मान्यता देने के लिए पत्र सौंपा है। हम PM मोदी के नेतृत्व में NDA के साथ काम करेंगे। NCPI बंगाल में रजिस्टर्ड, त्रिपुरा से चुनावी शुरुआत की NCPI का रजिस्टर्ड पता पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बानीपुर इलाके में है। पार्टी ने 2023 में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार उम्मीदवार उतारे थे। लेकिन उसके उम्मीदवार या तो NOTA से पीछे रहे या फिर उससे थोड़ा ज्यादा वोट हासिल कर पाए। पार्टी को कुल मिलाकर लगभग 1,198 वोट मिले थे। NCPI के चुनावी पोस्टरों में नारा था- अपने अधिकारों को बचाने के लिए दलबदलुओं को नकारें। ममता से अलग हुए 20 बागी सांसदों के नाम… ------------ ये खबर भी पढ़ें… TMC के 20 बागी सांसदों का NCPI में विलय: 3 साल पहले पति-पत्नी ने यह पार्टी बनाई; बैंक बैलेंस ₹75, नारा था- दलबदलू नेताओं को नकारो तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के विलय के बाद नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) चर्चा में है। रिकॉर्ड के अनुसार, 3 साल पहले 2023 में बंगाल के उत्तिया कुंडू और शेउली कुंडू नाम के कपल ने पार्टी की नींव रखी थी। NCPI के डॉक्यूमेंट्स में उत्तिया कुंडू पार्टी के अध्यक्ष हैं। पत्नी शेउली का नाम कोषाध्यक्ष के रूप में दर्ज है। पूरी खबर पढ़ें…