Le sirop ne sera désormais disponible que sur prescription médicale : le gouvernement a modifié les règles d'achat de médicaments ; 26 enfants sont morts à cause d'un sirop contaminé au Parlement
कफ सिरप अब बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं खरीदे जा सकेंगे। केंद्र सरकार ने ड्रग्स नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत सिरप को अब उस लिस्ट से हटा दिया गया है, जिसमें दवाएं सीधे दुकान से खरीदी जा सकती हैं। सरकार का कहना है कि इससे सिरप आधारित दवाओं पर निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण मजबूत होगा। साथ ही सिरप निर्माता और विक्रेता को लाइसेंसिंग और क्वालिटी कंट्रोल से जुड़े सख्त नियमों का पालन करना ही होगा। मध्य प्रदेश में अक्टूबर 2025 में दूषित सिरप से 26 बच्चों की मौत हो गई थी। सिरप को लिस्ट से हटाया नई व्यवस्था के तहत ड्रग्स रूल्स, 1945 की अनुसूची K में बदलाव किया गया है। इस अनुसूची में उन दवाओं को रखा गया था, जिन्हें कुछ नियमों में छूट दी गई थी। अब इस सूची से सिरप को हटा लिया गया है। मंत्रालय के मुताबिक, पहले अनुसूची K के तहत 1,000 से कम आबादी वाले गांवों में कफ सिरप की बिक्री के लिए कुछ रिटेल लाइसेंसिंग प्रावधानों से छूट थी। नए संशोधन के बाद यह छूट नहीं रहेगी। ऐसे गांवों में भी कफ सिरप केवल विधिवत लाइसेंस प्राप्त दवा दुकानों से ही बेचा जा सकेगा। आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं तीन साल पहले क्वालिटी टेस्ट अनिवार्य किया था दवा सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों में कई कदम उठा चुकी है। 2022-23 में भारत में बनी कुछ कफ सिरप दवाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठे थे। अफ्रीकी देशों और उज्बेकिस्तान में बच्चों की मौत के मामलों के बाद भारतीय दवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ाई गई थी। इसके बाद सरकार ने कफ सिरप के निर्यात से पहले सरकारी लैब में अनिवार्य परीक्षण की व्यवस्था लागू की। साथ ही दवा निर्माण इकाइयों के लिए गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) मानकों को भी सख्त किया गया। कई कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए और उत्पादन इकाइयों पर कार्रवाई हुई। 2023-24 में हुए प्रमुख बदलाव नया नियम इसलिए अहम एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिरप आधारित दवाओं में लिक्विड, फ्लेवरिंग एजेंट और अन्य केमिकल्स का इस्तेमाल होता है। ऐसे में इनके निर्माण और भंडारण में छोटी गलती भी गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। सिरप को अनुसूची-K की छूट वाली सूची से बाहर करना सरकार की उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। मध्य प्रदेश में दूषित कफ सिरप से हुई थी 26 बच्चों की मौत मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में अक्टूबर 2025 में दूषित कफ सिरप से 26 बच्चों की मौत हो गई थी। वहीं, बच्चों की मौत का कारण बने कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के डायरेक्टर गोविंदन रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया। पढ़ें पूरी खबर… ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें : MP में जहरीले कफ सिरप केस में 2 डॉक्टर गिरफ्तार:SIT को 5 बच्चों को कोल्ड्रिफ लिखने के मिले सबूत; 26 मासूमों की गई थी जान मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में चर्चित कफ सिरप केस में SIT ने शनिवार को 2 डॉक्टर्स को अरेस्ट किया है। इनकी लिखी पर्ची से 5 बच्चों की जान गई थी। SIT को पर्ची में सबूत मिले हैं। जहरीले कफ सिरप से 26 बच्चों की मौत हुई थी। अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर…