ग्रेट ब्रिटेन ने बच्चों और युवाओं के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। जर्मनी को भी इस उदाहरण का अनुसरण करना चाहिए और एथिक्स काउंसिल की बात नहीं माननी चाहिए।