⚠️ أنت غير متصل
🏠 الرئيسية 🏆 برنامج كأس العالم 2026 محلية دولي الشرق الأوسط رياضة أخبار كأس العالم تكنولوجيا اقتصاد صحة وطب ثقافة وفن مجتمع مناخ وبيئة
الاستعداد لإعادة امرأة بنجلاديشية بعد 12 عامًا: بعد لقائها على فيسبوك، تزوجت عن حب مع شاب غوجاراتي، قال الزوج - سيقتلها هناك

الاستعداد لإعادة امرأة بنجلاديشية بعد 12 عامًا: بعد لقائها على فيسبوك، تزوجت عن حب مع شاب غوجاراتي، قال الزوج - سيقتلها هناك

دولي 16/06/2026 Dainik Bhaskar 👁 18
⚡ الخلاصة في سطرين

गुजरात के आणंद शहर में पुलिस ने एक बांग्लादेशी लड़की को गिरफ्तार किया है। काजुली (अब काजल) 12 साल पहले आणंद में रहने वाले तरुण से शादी करने के लिए भारत में दाखिल हुई थी। तरुण और काजल ने शादी कर ली थी। अब इनके दो बेटे भी हैं। हालांकि काजुली अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। इसीलिए अब उसके वापस बांग्लादेश डिपोर्टेशन की तैयारी की जा रही है। पति ने भारत सरकार से काजुली को नागरिकता देने की गुहार लगाई है। तरुण का कहना है कि काजल अब हिंदू बन चुकी है। ऐसे में न सिर्फ उसका परिवार ही बिखर जाएगा, बल्कि काजुली को अब उसका परिवार भी नहीं अपनाएगा और कट्टरपंथी उसकी हत्या कर देंगे। 2016 में सीमा पार कर गुजरात पहुंची थी काजुली आज से 15 साल पहले, आणंद के लम्भवेल गांव के निवासी तरुण पटेल की प्रेम कहानी फेसबुक पर शुरू हुई थी। फेसबुक के जरिए उनकी मुलाकात बांग्लादेश की एक मुस्लिम लड़की काजुली से हुई। धीरे-धीरे पहचान प्यार में बदल गई। काजुली तरुण से शादी करना चाहती थी और इसके लिए उसने बांग्लादेश में पासपोर्ट बनवाने के लिए 13,000 रुपए तक खर्च कर दिए थे, लेकिन एजेंट की धोखाधड़ी के कारण उसे पासपोर्ट नहीं मिल सका। दूसरी ओर, बांग्लादेश में उसके पिता उस पर किसी दूसरे मुस्लिम पुरुष से शादी करने का दबाव डाल रहे थे। इसी के चलते काजुली 2016 में अवैध रूप से सीमा पार कर पश्चिम बंगाल से होते हुए गुजरात पहुंची थी। काजुली ने हिंदू धर्म अपना लिया तरुण से शादी कर ली। अब परिवार में दो बेटे हैं। बड़ा बेटा ध्यान (8 साल) और छोटा बेटा अर्श (2 साल) का है। बांग्लादेश में बीमार मां को फोन करते समय फोन ट्रेस हुआ बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ने के लिए गुजरात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के दौरान काजल की यह कहानी सामने आई। काजल ने कुछ दिन पहले बांग्लादेश में रह रही अपनी बीमार मां का हालचाल जानने के लिए फोन किया था। पुलिस ने इस फोन कॉल को ट्रेस किया और जांच में पता चला कि वह भारत में अवैध रूप से रह रही थी। इसके बाद 2 जून की रात को आणंद की एलसीबी पुलिस ने काजल को गिरफ्तार कर लिया और उसे महिला गृह में भेजकर उसे वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी। पत्नी की बांग्लादेश में हत्या हो जाएगी: तरुण पिछले 15 दिनों से अपनी मां के बिना संघर्ष कर रहे बच्चों और परेशान पति तरुण पटेल ने भारत सरकार से गुहार लगाई है। तरुण के अनुसार, काजल किसी आपराधिक इरादे से भारत नहीं आई थी, बल्कि अपने प्यार की तलाश में आई थी। उसने हिंदू धर्म अपना लिया है। बांग्लादेश में हिंदुओं के लिए ये कठिन समय है। अगर उसे वहां वापस भेज दिया जाता है, तो उसका परिवार उसे स्वीकार नहीं करेगा और वहां के चरमपंथी उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। उसकी जान को बड़ा खतरा है। काजल के 8 वर्षीय बेटे ध्यान ने भी रोते हुए सरकार से अपील की है कि उसने 15 दिनों से अपनी मां का चेहरा नहीं देखा है और वह अपनी मां के बिना नहीं रह सकता। पत्नी की नागरिकता की मांग की तरुण पटेल ने गृह मंत्री हर्ष संघवी और भारत सरकार से मानवीय आधार पर इस मामले पर गौर करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि जहां भारत सरकार पाकिस्तान और बांग्लादेश के उत्पीड़ित हिंदुओं को नागरिकता दे रही है, वहीं काजल ने भी मुस्लिम धर्म से हिंदू धर्म में धर्मांतरण किया है। ऐसे में, ताकि मासूम बच्चों का प्यार उनसे न छिन जाए और परिवार न टूटे, आनंद के परिवार ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है कि काजल को निर्वासित न किया जाए और उसे भारतीय नागरिकता दी जाए। ----------- बांग्लादेशियों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें...

📖 مصدر المقال — 🇮🇳 الهندية ← رجوع

🔖 المحفوظات